उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अब राहत की उम्मीद नजर आ रही है। शहर के बाहरी हिस्से में बन रहा नया बाईपास प्रोजेक्ट तेजी पकड़ चुका है, जिसे पूरा होने के बाद शहर के भीतर जाम की समस्या में बड़ी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
क्या है बाईपास प्रोजेक्ट?
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। परियोजना की लागत लगभग ₹700 करोड़ आंकी गई है।
यह बाईपास शहर के बाहरी हिस्से से होकर गुजरेगा और दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से जुड़ते हुए लंबी दूरी के वाहनों को सीधे डायवर्ट करेगा, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा।
कितना काम हुआ, कब तक पूरा होगा?
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 40 से 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर जारी है और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
किन इलाकों को होगा फायदा?
इस बाईपास के तैयार होने से देहरादून शहर के साथ-साथ आसपास के औद्योगिक और सीमावर्ती क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
- सेलाकुई और विकासनगर जैसे औद्योगिक क्षेत्र
- हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से बेहतर संपर्क
- शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही में कमी
इसके अलावा स्थानीय लोगों के लिए यात्रा समय में कमी और ईंधन की बचत भी संभव होगी।
एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, असर और बढ़ेगा
यह बाईपास प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से भी जुड़ने वाला है। एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय काफी घटने की उम्मीद है।
ऐसे में बाहरी ट्रैफिक सीधे बाईपास के जरिए गुजर सकेगा, जिससे शहर के अंदर जाम की स्थिति में और सुधार हो सकता है।
पर्यावरण को लेकर भी उठे सवाल
परियोजना को लेकर जहां एक ओर विकास की उम्मीदें हैं, वहीं पर्यावरण से जुड़े मुद्दे भी सामने आए हैं।
कुछ स्थानीय समूहों ने पेड़ों की कटाई और पारिस्थितिकी पर असर को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य पर्यावरणीय मानकों के तहत किया जा रहा है।
क्या बदलेगी देहरादून की तस्वीर?
देहरादून पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ते शहरी दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में यह बाईपास परियोजना शहर के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।
अगर परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो आने वाले वर्षों में देहरादून के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
